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‘हमसे सवाल पूछें’ सेक्शन के अंतर्गत हमारे पास आप जैसे कई साथियों के सवाल आ रहे हैं! कुछ दिन पहले हमसे उदयपुर, राजस्थान से गजेन्द्र कुमार गर्ग जी ने सवाल किये, जिनका जवाब हमारी टीम ने इस प्रकार दिया: 

सवाल: स्थानीय स्तर पर गाँवों में हर 6 माह या 1 वर्ष में लोगों के हित औऱ विकास सम्बंधित कार्यों के लिये ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाता है। लेकिन पंचायत औऱ स्थानीय शासन की व्यवस्था ऐसी हो गई कि उन ग्राम सभाओं का विधिवत आयोजन होता ही नहीं है। यहाँ तक की गाँवों में लोगों को ग्राम सभाओं की विधिवत सूचना भी नहीं होती। हम मिलकर इसको कैसे एक व्यवस्थित बनायें ताकि हर जन के लिये यह उपयोगी हो?

जवाब: इसके अलग-अलग पहलू हो सकते हैं। कभी ग्राम पंचायत के लोग इसमें रूचि नहीं लेते तथा लोगों को इसके बारे में कम जानकारी होती है, साथ ही ऊपर के स्तर के अधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी इसमें सक्रीय भागीदारी का अभाव भी हो सकता है। यह समस्या अधिकतर ग्राम पंचायतों में देखने को मिलती है। हमें लगता है कि इन पहलुओं को सक्रीय करने के आवश्यकता है, इसके लिए थोड़ी मजबूत रणनीति आपको तैयार करनी पड़ेगी। आपको इन सभी के साथ एक रिश्ता कायम करते हुए ग्राम सभा के सुचारू सञ्चालन के लिए प्रोत्साहित करना पड़ेगा तथा अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करते हुए सकारात्मक लोगों की पहचान कर उनको साथ में लेना पड़ेगा। हम आपके साथ एक नोटिफिकेशन साझा कर रहे हैं जो हाल ही में राजस्थान सरकार ने ग्राम सभाओं का बेहतर सञ्चालन करने हेतु ‘जीवंत ग्राम सभा’ अभियान के नाम से शुरू किया है। http://www.rajpanchayat.rajasthan.gov.in/Portals/0/Documents/Method/Legal_802_13092021.pdf 

सवाल: कभी-कभी सरकार की हितकारी योजनाओं के लिये गांवो में कैम्पों का आयोजन किया जाता है पर वो सही तरीके से नहीं होते और न ही गांवो में कैम्पों की पूर्व जानकारी होती है। फिर भी दस्तावेज़ों में इन चीजों को व्यवस्थित बता दिया जाता है जबकि काफी लोग वंचित रह जाते हैं।

जवाब: ऐसा अक्सर देखने/सुनने को मिलता है। इसे सुचारू करने के लिए आप दो तरह से अपनी रणनीति बना सकते हैं। पहला, आप सम्बंधित कैम्पों की जानकारी जुटाकर नागरिकों को इसकी जानकारी दें तथा साथ ही ग्राम पंचायत को भी सुचारू रूप से कैंप के आयोजन के लिए प्रोत्साहित करें। जब ग्राम पंचायतों को कहने पर भी कैम्पों का आयोजन ठीक से नहीं हो तो इसकी शिकायत आप ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कर सकते हैं, जिसकी जानकारी अंतिम सवाल में साझा की गयी है।  

सवाल: आगामी गाँवों में होने वाली ग्राम सभाओं का आयोजन होगा, तो हम इसमें अपनी भागीदारी कैसे दें और लोगों को कैसे सहयोग करें ताकि उन्हें हर योजना का लाभ मिले?

जवाब: इसके लिए आप ‘जीवंत ग्राम सभा’ अभियान का एजेंडा देख सकते हैं, जिसमें हर माह में ग्राम सभा के चर्चा के बिन्दुओं का उल्लेख किया गया है। आप हर माह की ग्राम सभा को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत के साथ लोगों एवं संबधित विभाग को भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक सार्वजनिक सेवाओं का लाभ पहुँचाया जा सके।  

सवाल: (क.) आगामी अक्तूबर माह में आयोजित ‘प्रशासन गाँवों के संग अभियानों’ का आयोजन किया जायेगा तो इसमें हम कैसे सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ पहल करें ताकि लोगों को उसका लाभ मिले?

जवाब: एक जागरूक नागरिक के तौर पर आप सबसे पहले अपने उपखंड कार्यालय से शिविरों की प्रस्तावित तिथियों का पता कर लें। इसके पश्चात् आप सम्बंधित ग्राम पंचायत के लोगों ‘प्रशासन गांवों के संग अभियान 2021’ के बारे में प्रचार-प्रसार करें। अगर आप चाहें तो एक पंचायत के लोगों से जन संपर्क कर उनकी समस्याओं को सूचीबद्ध कर सकते हैं। शिविर आयोजन के दिन उनकी समस्याओं का निस्तारण करवा सकते हैं। इसमें आप पंचायत के जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग ले सकते हैं। इसके अलावा अध्यापक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी, ए.एन.एम., पटवारी आदि फ्रंटलाइन वर्कर्स का सहयोग ले सकते हैं।

(ख.) ‘प्रशासन गाँवो के संग’ अभियान में कौन से कार्य किये जायेंगे?

उत्तर: शिविरों में पात्र एवं जरुरतमंद लोगों सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने, भूमिहीनों को भू-आवंटन करने जैसे कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके साथ वृद्धजनों, दिव्यांगों आदि की समस्या का निराकरण होगा। इन शिविरों से 21 सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याओं का समाधान मौके पर ही होगा। अभियान में राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग, ग्राम विकास एवं पंचायतीराज, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भू-जल विभाग, कृषि विभाग, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उर्जा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता विभाग, सैनिक कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, आयोजना विभाग पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग, शिक्षा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, सहकारिकता एवं राजस्थान को-ऑपरेटीव डेयरी फेडरेशन लि. विभाग, वन विभाग, रोडवेज विभाग एवं जल संसाधन विभाग की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। 

(ग.) इन अभियानों के लिये जिम्मेदार व्यक्ति कौन होगा और इसके विधिवत आयोजन करने के तरीके क्या होंगे?

उत्तर: राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से ‘प्रशासन गांवों के संग अभियान 2021’ को 2 अक्टुम्बर से प्रारंभ किया जा रहा है। उक्त अभियान के दौरान कुल 21 विभागों की सेवाओं से वंचित लाभार्थियों को जोड़ना एवं सेवाओं से सम्बंधित समस्याओं का निस्तारण करना प्रमुख कार्य होगा। इस अभियान के दायित्वों को जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों के साथ मिलकर सयुंक्त रूप से अंजाम देने की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की होगी।

  • ‘प्रशासन गांवों के संग अभियान 2021’ लगभग 70 दिन चलाया जायेगा।
  • अभियान की सम्पूर्ण तैयारी क्रियान्वयन, निगरानी एवं समीक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की होगी।
  • अभियान के दौरान जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत के मुख्यालय पर एक दिन का शिविर आयोजित किया जायेगा।
  • इन शिविरों में सोमवार से शुक्रवार पांच दिन कार्य किया जायेगा।
  • जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापन कर मोनिटरिंग की जायेगी।

(घ) ग्राम पंचायतों के स्तर के कार्य जैसे मनरेगा, राशन, आवास, रोड़ सड़क आदि काम के लिये मुख्य जिम्मेदारी किसके पास  होती है ?

उत्तर: राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1993 के अनुसार 11वीं अनुसूची में वर्णित 29 विषय  ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है। इस प्रकार ग्राम पंचायतों के पास दो प्रकार से कार्य करने के लिए पैसा प्राप्त होता है। 

बंद पैसा- ग्राम पंचायतों को विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पैसा मिलता है जोकि उन योजनाओं की गतिविधियों पर ही खर्च कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन इत्यादि।

खुला पैसा- केन्द्रीय वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकार द्वारा पंचायतों को पैसा दिया जाता है। इन पैसों को ग्राम पंचायतें ग्राम सभा के माध्यम से प्रस्ताव पारित कर अपनी प्राथमिकता वाले कार्यों पर खर्च करती हैं। जैसे की- खरंजा/सी.सी. रोड़, पेयजल की व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट इत्यादि। ग्राम पंचायत स्तर पर इन सब कार्यों को क्रियान्वित करवाने की जिम्मेदारी ग्राम विकास अधिकारी (VDO) की होती है।

(ड.)  हमें परेशानी आने पर किसके पास जाकर सहयोग मिलेगा?

सबसे पहले सम्बंधित समस्या के समाधान के लिए आप ग्राम विकास अधिकारी के पास जा सकते हैं। अगर आपकी शिकायत उनके माध्यम से दूर नहीं होती है तो आप सरकार के द्वारा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यम शिकायत निवारण तंत्र व्यवस्था का सहारा ले सकते  हैं। 

ऑनलाइन शिकायत- बिना कार्यालय में उपस्थित हुए आप अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए आप जन सूचना पोर्टल पर जाकर अपनी समस्या सम्बंधित दस्तावेजों के साथ रख सकते हैं। इसके अलावा आप सिटिजन कॉल सेंटर (181) पर फोन कॉल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराने एवं उसकी सुचना प्राप्त कर सकते हैं। यह कॉल निःशुल्क होती है। 

ऑफलाइन शिकायत- ऑफलाइन शिकायत में आप सम्बंधित बीडीओ/एसडीएम/डीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

 

तो ऐसे ही शासन-प्रशासन से जुड़े कोई भी सवाल आप हमसे कर सकते हैं। हमारी टीम आपके सवालों का जल्द से जल्द जवाब देने की कोशिश करेगी। सवाल पूछने के लिए आप हमें humaari.sarkaar@cprindia.org पर लिखें।